पोस्ट ऑफिस की 5 साल वाली स्कीम: पूरी जानकारी : भारत पोस्ट (India Post) सिर्फ चिट्ठियां और पार्सल डिलीवरी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह छोटे निवेशकों के लिए भरोसेमंद सेविंग स्कीमें भी उपलब्ध कराता है।

इनमें सबसे लोकप्रिय पोस्ट ऑफिस 5 साल की मंथली इनकम स्कीम (MIS) है। यह उन लोगों के लिए खास है जो सुरक्षित निवेश के साथ हर महीने निश्चित आय चाहते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
Post Office Monthly Income Scheme 2025 की मूल पहचान
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (Post Office MIS) एक 5 वर्ष (60 महीने) की निश्चित अवधि वाली डिपॉज़िट स्कीम है। आप इसमें एकमुश्त राशि जमा करते हैं और उस पर हर महीने ब्याज के रूप में तय आय पाते हैं।
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न्यूनतम निवेश: ₹1,000
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अधिकतम निवेश: व्यक्तिगत खाते के लिए ₹9 लाख, संयुक्त खाते के लिए ₹15 लाख
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अवधि: 5 वर्ष (मैच्योरिटी पर मूल धन वापस)
ब्याज दर और रिटर्न
सरकार हर तिमाही इस स्कीम की ब्याज दर तय करती है। सितंबर 2025 तक इसकी ब्याज दर लगभग 7.4% प्रति वर्ष है।
उदाहरण:
यदि आप ₹5 लाख निवेश करते हैं, तो 7.4% वार्षिक ब्याज के हिसाब से प्रति माह लगभग ₹3,083 की मासिक आय होगी।
निवेश के फायदे
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गारंटीड रिटर्न: सरकारी योजना होने के कारण जोखिम लगभग शून्य।
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हर महीने फिक्स इनकम: पेंशनर, रिटायर्ड प्रोफेशनल्स और गृहिणियों के लिए बेहतरीन।
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लोन की सुविधा: मैच्योरिटी से पहले जरूरत पड़ने पर निवेश पर लोन ले सकते हैं।
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ऑटो क्रेडिट: ब्याज सीधे आपके सेविंग अकाउंट में जाता है।
खाता खोलने की प्रक्रिया
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नज़दीकी पोस्ट ऑफिस में जाएं।
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पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट होना ज़रूरी है।
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MIS फॉर्म भरें और KYC डॉक्यूमेंट (आधार, पैन) जमा करें।
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न्यूनतम ₹1,000 या उससे अधिक राशि कैश/चेक से जमा करें।
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अकाउंट ओपनिंग रसीद सुरक्षित रखें।
समय से पहले पैसा निकालने के नियम
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1 साल से पहले निकासी नहीं।
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1-3 साल के बीच अकाउंट बंद करने पर 2% पेनाल्टी।
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3-5 साल के बीच बंद करने पर 1% पेनाल्टी।
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मैच्योरिटी पर पूरा मूलधन और बचा हुआ ब्याज मिलेगा।
टैक्स संबंधी पहलू
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ब्याज पर TDS नहीं काटा जाता, लेकिन ब्याज आपकी आय में जोड़ा जाएगा और आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा।
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आप चाहें तो फॉर्म 15G/15H देकर TDS बचा सकते हैं।
किन लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ
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सेवानिवृत्त कर्मचारी जो पेंशन के साथ अतिरिक्त मासिक इनकम चाहते हैं।
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गृहिणी या वरिष्ठ नागरिक जिन्हें नियमित आय चाहिए।
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सुरक्षित निवेश चाहने वाले मध्यम वर्गीय निवेशक।
ज़रूरी टिप्स
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हर महीने ब्याज अपने अकाउंट में ट्रांसफर कराते रहें।
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ब्याज का पुनर्निवेश कर अतिरिक्त रिटर्न पाएं (जैसे RD या PPF में)।
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मैच्योरिटी से पहले पैसे की जरूरत न हो, तभी निवेश करें।
निष्कर्ष
पोस्ट ऑफिस की 5 साल वाली स्कीम सुरक्षित, सरल और स्थिर मासिक आय का बेहतरीन विकल्प है। यदि आप बिना मार्केट रिस्क के फिक्स इनकम चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए उपयुक्त है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और टैक्स प्लानिंग पर जरूर विचार करें।
FAQs: पोस्ट ऑफिस 5 साल वाली स्कीम
Q1. पोस्ट ऑफिस 5 साल वाली स्कीम में न्यूनतम और अधिकतम निवेश कितना है?
A. न्यूनतम निवेश ₹1,000 है। व्यक्तिगत खाते के लिए अधिकतम ₹9 लाख और संयुक्त खाते के लिए ₹15 लाख तक निवेश कर सकते हैं।
Q2. इस स्कीम की अवधि कितनी है?
A. यह स्कीम 5 वर्ष (60 महीने) के लिए होती है। मैच्योरिटी के बाद आप चाहें तो पैसा निकाल सकते हैं या दोबारा निवेश कर सकते हैं।
Q3. वर्तमान ब्याज दर कितनी है?
A. सितंबर 2025 तक पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की ब्याज दर लगभग 7.4% प्रति वर्ष है। सरकार हर तिमाही इसे अपडेट करती है।
Q4. ब्याज कब और कैसे मिलता है?
A. ब्याज हर महीने आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट या लिंक्ड बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर हो जाता है।
Q5. क्या समय से पहले पैसा निकाल सकते हैं?
A. हाँ, लेकिन 1 वर्ष बाद ही। 1–3 साल के बीच निकासी करने पर 2% और 3–5 साल के बीच निकासी करने पर 1% पेनाल्टी लगेगी।
Q6. क्या इस स्कीम पर टैक्स लगता है?
A. ब्याज आपकी कुल आय में जुड़कर इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स योग्य होगा। TDS नहीं कटता।
Q7. क्या NRIs इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं?
A. नहीं, केवल भारतीय निवासी ही इस स्कीम में खाता खोल सकते हैं।
Q8. क्या मैच्योरिटी के बाद पैसा बढ़ा सकते हैं?
A. मैच्योरिटी पर आप चाहें तो पूरी राशि को दोबारा इसी स्कीम में या किसी दूसरी पोस्ट ऑफिस स्कीम जैसे RD/PPF में निवेश कर सकते हैं।